बुधवार, 17 अक्तूबर 2012

कुछ यादें कुछ सपने














कुछ यादें कुछ सपने अपने
थाती हैं जीवन की

बक्से में कुछ तस्वीरें और

पाती है प्रियतम की
.

आँखों भर आकाश खुला हो

औ परवाज़ मिली हो

उम्मीदों के रस्ते गलियाँ

हर इक राह खुली हो
.

सपनों के ताने बाने और

यादों के कुछ टांके

जीवन भर में क्या क्या पाया

मोल इन्हीं से आंकें
.

सपनों के बिन सूनी आँखें

यादों बिन अपना मन

सूनी साँसें सूनी बातें

सूना सारा जीवन
.

15 टिप्‍पणियां:

  1. ये जीवन सपनो के साथ ही चलता है तो फिर सुना क्यों बस गहरे रंग का इंतजार होता है

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  2. सच्ची...न हों यादें और स्वप्न न देखें हम तो फिर क्या बाकी रहा...
    जीने की वजह यही तो हैं.....बीते कल की यादें... और आने वाले कल के स्वप्न......

    इसी बात पर ढेर सा प्यार
    अनु

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  3. कल 19/10/2012 को आपकी यह खूबसूरत पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  4. सपनों के बिन सूनी आँखें
    यादों बिन अपना मन
    सूनी साँसें सूनी बातें
    सूना सारा जीवन ... एक ख़ामोशी यूँ हीं तो नहीं

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  5. कुछ यादें कुछ सपने अपने
    थाती हैं जीवन की
    बक्से में कुछ तस्वीरें और
    पाती है प्रियतम की .bahut khoob

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  6. सपने...यादें....इन्हीं के साथ-साथ तो ज़िंदगी अपने क़दम बढ़ाती चलती है !:)
    सुंदर रचना !
    ~सादर !!!

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  7. सपनों के बिन सूनी आँखें
    यादों बिन अपना मन
    सूनी साँसें सूनी बातें
    सूना सारा जीवन .

    bahut khoob

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  8. बहुत ही सुन्दर,,
    बेहतरीन रचना...
    :-)

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  9. कुछ यादें कुछ सपने अपने
    थाती हैं जीवन की
    बक्से में कुछ तस्वीरें और
    पाती है प्रियतम की ..........
    खुबसूरत अल्फाजों में पिरोये जज़्बात....शानदार |

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  10. सुन्दर कविता जो गायी जा सकती है.
    कविता पढ़ कर मन हो आया कि आज फुर्सत से बैठ कर जीवन का मोल आंका जाए .<3

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